HOCKEY WORLD CUP

रीड के कोच रहते टोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम ओडिशा में हुए विश्व कप में क्वार्टर फाइनल में जगह नहीं बना सकी.

टीम इंडिया क्रॉसओवर मैच में हार गई. न्यूजीलैंड के खिलाफ पेनाल्टी शूटआउट में मिली हार के साथ ही भारत वर्ल्ड कप से बाहर हो गया.

टीम में शामिल ज्यादातर खिलाड़ी जॉब करते हैं और पार्टटाइम हॉकी खेलते हैं. जानकारी के मुताबिक टीम में शामिल खिलाड़ियों में कोई शिक्षक है तो कोई जिम ट्रेनर, कोई इंजिनियर है तो साइंटिस्ट.

वर्ल्ड कप में अपने करो या मरो मुकाबले में भारत को गुरुवार को वेल्स से मैच खेलना है. यहां न सिर्फ टीम इंडिया को वेल्स के खिलाफ जीत हासिल करनी है, बल्कि ज्यादा से ज्यादा गोल दागने होंगे.

इंग्लैंड दो मैचों में चार अंकों के साथ अंक तालिका में शीर्ष पर है. इंग्लैंड की तरह भारत के भी दो मैचों में चार अंक हैं. हालांकि, गोल अंतर के मामले में इंग्लैंड आगे है.

FIH Hockey WC: दोनों टीमों ने मैच की शुरूआत बराबरी पर की और पहले 10 मिनट का खेल ऐसे ही खत्म हो गया। मैच के दोनों चरणों में टीमों का दबदबा बना रहा।

ओडिशा सरकार द्वारा पिछले पांच वर्षों से इंडियन हॉकी को किए जा रहे सहयोग का असर परिणाम के रुप में भी दिख रहा है. इंडियन पुरुष हॉकी टीम ने जहां टोक्यो ओलंपिक में ब्रांज मेडल जीतकर 41 वर्षों से चले आ रहे मेडल के सूखे को समाप्त किया वहीं महिला हॉकी टीम का प्रदर्शन भी बेहतरीन रहा था.

हॉकी वर्ल्ड कप में 16 टीमें हिस्सा लेंगी. इन टीमों को चार ग्रुप में बांटा गया है, जिसमें 4-4 टीमें हैं. टीमें ग्रुप लीग में एक बार एक-दूसरे से खेलेंगी और ग्रुप टॉपर सीधे क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगे.