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जलवायु परिवर्तन की चिंताओं पर भारत का क्या है रुख? जर्मनी में भूपेंद्र यादव ने रखा पक्ष

Bhupendra Yadav: भूपेंद्र यादव ने कहा कि संवाद में वैश्विक उत्सर्जन में भारी कटौती और नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार के लिए एक वैश्विक, बाध्यकारी लक्ष्य की आवश्यकता पर व्यापक सहमति थी.

भूपेंद्र यादव

Rahul Singh Edited by Rahul Singh

Bhupendra Yadav: केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव जर्मनी की यात्रा पर हैं. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किफायती, समावेशी और न्यायसंगत ऊर्जा की ओर शिफ्ट करने की बात को रेखांकित किया और जलवायु तथा पर्यावरण को बचाने की दिशा में अपने सुझाव रखे. केंद्रीय मंत्री ने यह बात 3 मई को पीटर्सबर्ग में जलवायु परिवर्तन को लेकर होने वाली बैठक में कही.

यादव ने ट्विटर पर कहा, “भारत ने चर्चाओं में दृढ़ता से अपना पक्ष रखा. जैसा कि पीएम श्री नरेंद्र मोदी द्वारा रेखांकित किया गया है. इस कार्यक्रम में यह दोहराया गया कि न्यायपूर्ण, सस्ती और समावेशी ऊर्जा परिवर्तन के लिए समर्थन की आवश्यकता को पहचानना महत्वपूर्ण है.”

यादव ने कहा कि संवाद में वैश्विक उत्सर्जन में भारी कटौती और नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार के लिए एक वैश्विक, बाध्यकारी लक्ष्य की आवश्यकता पर व्यापक सहमति थी. उन्होंने कहा कि क्लिन एनर्जी के रास्ते को तैयार करने के दौरान हमें स्थानीय आबादी के जीविकोपार्जन और स्थानीय अर्थव्यवस्था का भी ख्याल रखना होगा. क्योंकि, इनमें से अधिकांश ऊर्जा के वर्तमान संसाधनों के साथ जुड़े हैं.

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वर्चुअल रूप से इस कार्यक्रम में भाग लेते हुए, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने जलवायु संकट पर सभी राष्ट्रों को ईमानदारी बरतने की बात कही. उन्होंने कहा कि जलवायु को बेहतर करने के लिए भू-राजनीतिक विभाजनों से ऊपर उठकर काम करना होगा. गौरतलब है कि 2009 में कोपेनहेगन में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP15) में लगभग असफल वार्ता के बाद नेताओं और पर्यावरण मंत्रियों के बीच संचार में सुधार लाने के उद्देश्य से पहला पीटर्सबर्ग जलवायु संवाद शुरू किया गया था.

– भारत एक्सप्रेस

 



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