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UP Nikay Chunav Results: चुनाव के लिए ही किया निकाह और बेगम ने मार लिया मैदान, सपा से छीन लिया नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद

Rampur: रामपुर शहरी सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होने के बाद नामांकन से दो दिन पहले ही एक शख्स ने निकाह किया और फिर कांग्रेस का हाथ छोड़कर बेगम के साथ आप पार्टी ज्वाइन की और जीत गए.

फोटो सोशल मीडिया

Edited by Nitish Pandey

UP Nikay Chunav Results: इस बार निकाय चुनाव में उतरने का पूरा मन बना चुके समाजसेवी मामून शाह को जब मालूम हुआ कि रामपुर शहरी सीट महिलाओं के लिए आरक्षित हो गई है तो उन्होंने दो दिन के अंदर निकाह कर पत्नी सहित आप ज्वाइन की. इसके बाद पत्नी ने रामपुर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज कर पति को शादी का तोहफा तो दिया ही, साथ ही सपा का गढ़ मानी जाने वाले किले में सेंध भी मार दी. बता दें कि दशकों से ये सीट सपा के पास दी.

मामून शाह बताते हैं कि जब उनको मालूम हुआ कि रामपुर शहरी सीट महिलाओं के लिए आरक्षित हो गई है तो उन्होंने तुरंत निकाह करने का फैसला कर लिया. टिकट न मिलने के कारण कांग्रेस छोड़कर दोनों ने आम आदमी पार्टी (आप) का दामन थाम लिया और अपनी बेगम के लिए आप से टिकट दिलवा दिया. बता दें कि मामून शाह 15 साल से कांग्रेस में थे. फिर क्या था चुनाव हुआ और फिर भारी मतों (43,115) से नई-नवेली दुल्हन ने जब रामपुर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज करा ली.

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इस मौके पर मामून ने कहा कि, सालों तक मैने सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कड़ी मेहनत के साथ क्षेत्र में काम किया है. इस बार सक्रिय राजनीति में उतरने का फैसला किया था, लेकिन जिस सीट से चुनाव लड़ने की तमन्ना थी, वहां आखिरी समय में महिलाओं के लिए सीट आरक्षित कर दी गई. इस पर अपने सपने को पूरा करने के लिए तुरंत शादी का फैसला किया. उन्होंने कहा कि यह सबकुछ अचानक हुआ. जैसा जीवन साथी चाहा, वैसा ही मिला. मेरी बेगम भी ठीक मेरी तरह ही सोच रखती हैं. वह भी लोगों की सेवा करने में ही भरोसा रखती हैं, लेकिन सब कुछ मेरे लिए आसान नहीं था, सब कुछ पता नहीं कैसे हो गया और अब जीत के बाद मानो यकीन ही नहीं हो रहा.

कांग्रेस को लेकर छलका दर्द

मामून का कांग्रेस को लेकर दर्द छलक ही गया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मुझे नौसिखिया कहकर टिकट देने से इंकार कर दिया था. इस पर मेरे शुभचिंतक और दोस्त फैसल लाल (रामपुर में आप के जिला अध्यक्ष) ने मेरी बीवी को टिकट देने के लिए राजी हो गए. जिसके बाद हम पति-पत्नी भी राजी हो गए और फिर कांग्रेस छोड़कर आप ज्वाइन कर लिया. हमें खुशी है कि रामपुर की जनता ने हमें अपना आशीर्वाद दिया. वहीं, इस सम्बंध में फैसल लाल ने कहा कि सना आप के लिए एक आदर्श उम्मीदवार थीं. क्योंकि पार्टी ऐसे लोगों की तलाश करती है जो ईमानदार और मेहनती हों. साथ ही पार्टी के मूल्यों को लागू कर सकें.

शिक्षित हैं सना

बता दें कि सना ने स्नातकोत्तर तक की शिक्षा प्राप्त की है. सना रामपुर की ही रहने वाली हैं. शादी होते ही निकाय चुनाव में जीत हासिल कर न केवल जनता ने दोनों को शादी का तोहफा दिया, बल्कि सना ने अपने पति को भी निकाह का तोहफा दिया. क्योंकि जिस उम्मीद से मामून ने सना से निकाह किया था, उस पर वह खरी उतरीं. सना ने कहा कि वह जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगी. उनको अपने पति की तरह ही समाज सेवा करने का शौक है.

दो दशक से सपा के पास थी अध्यक्ष पद की सीट

मालूम हो कि रामपुर नगर पालिका अध्यक्ष पद की सीट करीब दो दशक से सपा के पास ही थी. यह वरिष्ठ सपा नेता आजम खान का गढ़ है और यहां पर इनका ही सिक्का चलता आया है. जहां एक ओर उन्होंने स्वार विधानसभा सीट में हार का सामना अपना दल से किया तो वहीं अध्यक्ष पद भी गवां बैठे. अगर इस चुनाव की बात करें तो भाजपा उम्मीदवार को 32,157 मत मिले तो वहीं सपा की फातिमा जबी तीसरे नम्बर पर रहीं और उनको 16,269 वोट मिले.

-भारत एक्सप्रेस

 



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