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UP News: यूपी की जेलों में बंद कुख्यात अपराधियों पर अब हाईटेक नजर, पांच जेलों को आर्टिफिशियल इंटीलिजेंस से जोड़ा गया

UP Jails: योगी सरकार ने राज्य की पांच जेलों में हाई सिक्योरिटी की व्यवस्था की है. इन जेलों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के जरिए अब 24 घंटे तमाम गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी. इसी के साथ ही जेलों की वीडियो फीड पर सीधे मुख्यालय से नजर रखी जाएगी.

Jail

सांकेतिक फोटो

UP News: यूपी की जेलों में बंद शातिर अपराधियों पर नजर रखने के लिए हाईटेक व्यवस्था की जा रही है. ताजा खबर सामने आ रही है कि कुख्यात अपराधियों और माफियाओं की हर गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पांच हाई सिक्योरिटी कारागारों को आर्टीफीशियल इंटीलिजेंस (एआई) से जोड़ दिया गया है.

यूपी की राजधानी लखनऊ के साथ ही चित्रकूट, गौतमबुद्ध नगर, आजमगढ़ एवं केंद्रीय कारागार बरेली में बंद कुख्यात अपराधियों पर नजर रखने के लिए यहां की जेलों को आर्टिफिशियल इंटीलिजेंस (एआई) से जोड़ दिया गया है. इसी के साथ जेलों में ड्यूअल व्यू स्कैनर बैगेज, फुल ह्यूमन बाडी वार्न स्कैनर, मुलाकात घर के लिए कांटेक्ट लैस ग्लास समेत नई टेक्नोलॉजी से लैस कई उपकरणों को लगाया गया है.

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मुख्यमंत्री ने जारी किया था बजट

बता दें कि यूपी की जेलों में हाईटेक तकनीकि से अपराधियों पर नजर रखने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों बजट जारी किया था. कारागार प्रशासन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए विचाराधीन बंदियों की शत प्रतिशत रिमांड वीडियो कांफ्रेंसिंग से कराने का निर्णय लिया था. इसके लिए अब तक 145 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हॉल को स्थापित करवा लिया गया है. इनमें 72 कारागार और 73 जिला न्यायालय शामिल हैं.

की जा रही है सीसीटीवी सर्विलान्स यूनिट्स की स्थापना

जानकारी सामने आई है कि जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त करने के लिए चरणबद्ध तरीके से सीसीटीवी सर्विलान्स यूनिट्स की स्थापना की जा रही है. प्रत्येक जेलों में कम से कम 30 कैमरों को स्थापित किया गया है. प्रदेश के सभी कारागारों में 3600 से अधिक सीसीटीवी कैमरे स्थापित किये जा चुके हैं.

कमांड सेंटर से की जा रही है निगरानी

बता दें कि उमेश पाल हत्याकांड मामले में बरेली जेल से सामने आई लापरवाही के बाद से जेलों के सभी सीसीटीवी कैमरों की निगरानी कमांड सेंटर से की जा रही है. इसके लिए सीसीटीवी कैमरों के फीड को मुख्यालय में प्राप्त कर उच्च स्तरीय निगरानी के लिए कमांड सेन्टर भी स्थापित किया जा चुका है. सेन्टर से 1200 से अधिक कैमरों को संयोजित किया जा चुका है. तो वहीं खबर सामने आ रही है कि फतेहगढ़, नैनी, वाराणसी,आगरा और जिला कारागार मेरठ, हरदोई, बुलन्दशहर, सहारनपुर, फिरोजाबाद एवं आगरा के कारागार में बाडी वार्न कैमरों के लिए शासन को वित्तीय स्वीकृति के लिए पत्र लिखा जा चुका है. जैसे ही बजट पास होगा वैसे ही इन जेलों में बॉडी वार्न कैमरे स्थापित कर दिए जाएंगे.

-भारत एक्सप्रेस



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