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स्पाइसजेट बम धमकी: ब्रिटिश एयरवेज के ट्रेनी टिकटिंग एजेंट ने दोस्तों की ‘गर्लफ्रेंड्स’ की रवानगी टालने के लिए किया फोन

डीसीपी ने कहा कि प्रकाश के दोस्तों ने उसे बताया कि वे लड़कियों के साथ कुछ और समय बिताना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने दिल्ली से उनके प्रस्थान में देरी की योजाना के लिए उसे उकसाया.

Delhi

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

Edited by Nitish Pandey

Delhi: दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे पर स्पाइसजेट के कॉल सेंटर में बम की झूठी कॉल करने के आरोप में 24 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. गुरुवार शाम विमान में बम होने की सूचना मिलने के बाद आईजीआई हवाई अड्डे पर पुणे जाने वाली स्पाइसजेट की एक फ्लाइट को खाली कराके तलाशी ली गई थी. हालांकि, कुछ नहीं मिला था. आरोपी की पहचान द्वारका निवासी अभिनव प्रकाश के रूप में हुई है. प्रकाश बीते सात महीनों से डीएलएफ कुतुब प्लाजा गुरुग्राम में ब्रिटिश एयरवेज के ट्रेनी टिकटिंग एजेंट के रूप में काम कर रहा था. उसने कथित तौर पर उसने अपने दोस्तों की प्रेमिकाओं के प्रस्थान में देरी करने के लिए फर्जी कॉल किया था. पुलिस ने बताया कि फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रायस किए जा रहे हैं. पुलिस की टीम उन्हें गिरफ्तार करने के लिए अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही है.

आईजीआई के पुलिस उपायुक्त रवि कुमार सिंह ने कहा कि गुरुवार शाम को आईजीआई हवाई अड्डे के स्पाइसजेट कॉल सेंटर में रात साढ़े नौ बजे पुणे के लिए उड़ान भरने वाले एक विमान में बम रखे जाने की सूचना मिली थी. आईजीआई पुलिस स्टेशन के साथ ही सीआईएसएफ कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट किया गया. कॉल की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, सीआईएसएफ के जवान तुरंत कार्रवाई में जुट गए. स्पाइसजेट की फ्लाइट में 182 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे, जिन्हें तुरंत आइसोलेशन बे में ले जाया गया.

एक अधिकारी ने कहा कि सभी यात्रियों और उनके सामान की सीआईएसएफ द्वारा पूरी तरह से जांच की गई. विमान की भी पूरी तरह से जांच की गई, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु या सामान नहीं मिला. फ्लाइट को सुरक्षित करने और सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षाकर्मियों ने स्पाइसजेट के अधिकारियों से पूछताछ की.


जांच के दौरान, पुलिस ने तकनीकी निगरानी के माध्यम से उस नंबर के मिलक की जांच की, जिससे फर्जी कॉल की शुरुआत हुई थी. यह नंबर अभिनव प्रकाश के नाम पर पंजीकृत था, जिसे उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ में प्रकाश ने पुलिस को बताया कि उसके बचपन के दोस्त राकेश और कुणाल सहरावत हाल ही में मनाली रोड ट्रिप पर गए थे जहां उनकी दो लड़कियों से दोस्ती हो गई. दोनों लड़कियां उसी स्पाइसजेट की फ्लाइट से पुणे जा रही थीं.

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डीसीपी ने कहा कि प्रकाश के दोस्तों ने उसे बताया कि वे लड़कियों के साथ कुछ और समय बिताना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने दिल्ली से उनके प्रस्थान में देरी की योजाना के लिए उसे उकसाया. तीनों ने एक नकली बम बनाने की एक योजना तैयार की. दोस्तों के कहने पर प्रकाश ने स्पाइसजेट के कॉल सेंटर पर उड़ान रद्द करने के एक मकसद के साथ बम होने की झूठी कॉल की. प्रकाश ने फोन कर कहा कि फ्लाइट में बम है, और जब स्पाइसजेट के अधिकारियों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने उनकी कॉल का जवाब नहीं दिया.

डीसीपी ने कहा, आरोपियों ने विमान में सावर उन लड़कियों से भी संपर्क किया. उन्होंने अपने इस कृत्य को अंजाम देने का जश्न भी मनाया. अधिकारी ने कहा, जब कुणाल और राकेश को पता चला कि प्रकाश को गिरफ्तार कर लिया गया है, तो वह फरार हो गए. उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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