ED Enforcement Directorate 2
ED Officer SSC CGL Salary: आपने ED के बारे में तो जरूर सुना होगा. यह भारत में एक आर्थिक खुफिया एजेंसी. ED का मतलब है- एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (Enforcement Directorate). यह एजेंसी भारत में आर्थिक कानूनों को लागू करने और आर्थिक अपराधों से निपटने में अहम भूमिका निभाती है. सालभर देश में कहीं न कहीं, ED की रेड पड़ती ही रहती है. क्या आप जानते हैं कि ED के ऑफिसर कैसे बनते हैं और उनके कितनी सैलरी मिलती है? और उन्हें क्या-क्या सुविधाएं दी जाती हैं.
आइए यहां हम आपको बताएंगे ED यानी एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट से जुड़ी अहम बातें. जैसा कि ED भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग का हिस्सा है, तो ये एक सरकारी नौकरी ही है. ईडी ऑफिसर के पदों पर नौकरी की चाहत रखने वाले युवाओं को SSC CGL परीक्षा की तैयारी करनी होती है. इसके माध्यम से हर साल असिस्टेंट एनफोर्समेंट ऑफिसर की भर्ती आयोजित कराई जाती है. ईडी ऑफिसर के पदों पर उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए आयोग द्वारा आमतौर पर परीक्षा द्वारा ही आयोजित की जाती है.

उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया में संशोधन
ED ऑफिसर के पदों पर योग्य उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया को आयोग द्वारा संशोधित किया गया है और अब इसे दो स्तरों, टियर 1 और 2 में आयोजित किया जाएगा. सरकारी पोर्टल पर दी गई जानकारी के मुताबिक, फाइनल चयन उच्च अंक और रैंक के साथ प्रवेश परीक्षा के लिए योग्यता प्राप्त करने पर निर्भर करेगा. अब बात ED ऑफिसर को मिलने वाली सैलरी यानी कि वेतनमान की बात करें तो एक असिस्टेंट एनफोर्समेंट ऑफिसर को वेतनमान 7 के तहत 44900 से 142400 रुपये तक सैलरी मिलती है.
| सैलरी स्ट्रक्चर | अमाउंट |
| बेसिक सैलरी | 44900 रुपये |
| ग्रेड पे | लेवल 7 |
| महंगाई भत्ता | 15266 रुपये |
| मकान किराया भत्ता | 12123 रुपये |
| यात्रा भत्ता | 4800 रुपये |
| एसआईए (20%) | 8980 रुपये |
| ग्रॉस सैलरी | 86,492 रुपये |
| एनपीएस | 4490 रुपये |
| सीजीएचएस | 325 रुपये |
| सीजीईजीआईएस | 2500 रुपये |
| कटौती | 7315 रुपये |
| इन हैंड सैलरी | 72000 रुपये |
ED ऑफिसर की ड्यूटी और जिम्मेदारियां
चयन होने के बाद उम्मीदवार को एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट और राजस्व विभाग के मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय या उप-मंडल कार्यालय में तैनात किया जाता है. उसके बाद प्रशिक्षण और अनुभव के आधार पर आगे पदोन्नति होती रहती है. ED के ऑफिसर का ध्यान मनी लॉन्ड्रिंग, विदेशी मुद्रा उल्लंघन और आर्थिक अपराधों से संबंधित मामलों की जांच और मुकदमा चलाने पर भी केंद्रित रहता है. ED का प्राथमिक उद्देश्य काले धन की उत्पत्ति और प्रसार पर अंकुश लगाना और विदेशी मुद्रा और मनी लॉन्ड्रिंग की रोकथाम से संबंधित कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित करना है.
ED ऑफिसर को नौकरी की सेफ्टी और ग्रोथ भी मिलता है
ED ऑफिसर की जॉब प्रोफ़ाइल भारत सरकार के तहत एक ग्रुप-B राजपत्रित अधिकारी की है. इन पदों पर चयन होने पर न केवल आकर्षक वेतन पैकेज मिलता है, बल्कि नौकरी की सेफ्टी और ग्रोथ भी मिलता है. किसी भी ED ऑफिसर को मूल वेतन के साथ-साथ कई भत्ते भी मिलते हैं.
– भारत एक्सप्रेस
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