Rampur Bypolls: नतीजों से एक दिन पहले सपा ने की रामपुर में दोबारा वोटिंग कराने की मांग, लगाया धांधली का आरोप

Rampur Bypolls: इसके पहले, समाजवादी पार्टी उम्मीदवार आसिम राजा (Asim Raja) ने भी चुनाव प्रक्रिया और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए थे.

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सपा नेता रामगोपाल यादव

Rampur Bypolls 2022: उत्तर प्रदेश की रामपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में सपा ने धांधली का आरोप लगाया है और वोटिंग को निरस्त कर दोबारा मतदान कराने की मांग की है. इस संबंध में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखा है और रामपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में हुए उपचुनाव-2022 को निरस्त कर दोबारा मतदान कराने की मांग की है. नतीजों से एक दिन पहले, सपा के इन आरोपों के बाद यूपी में सियासत गरमाई हुई है.

वोटरों को मत देने से रोका गया- रामगोपाल यादव

रामगोपाल यादव ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार को लिखे पत्र में कहा है कि रामपुर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में हुए मतदान में शासन द्वारा बड़े पैमाने पर धांधली कराई गई और वोटरों को मतदान से रोका गया. रामगोपाल यादव ने आरोप लगाया है कि पुलिस की बर्बरता से कई लोग घायल हुए. सपा महासचिव ने पुलिस की कथित बर्बरता की फोटो भी चिट्टी के साथ निर्वाचन आयुक्त को भेजी है. रामगोपाल यादव ने कहा है कि रामपुर में इस बार मतदान का प्रतिशत पिछले चुनावों की तुलना में काफी कम है, इसलिए रामपुर विधानसभा क्षेत्र में पुनः मतदान कराया जाना चाहिए.

सपा प्रत्याशी ने भी लगाए गंभीर आरोप

इसके पहले, समाजवादी पार्टी उम्मीदवार आसिम राजा (Asim Raja) ने भी चुनाव प्रक्रिया और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए थे. आसिम राजा ने कहा कि पार्टी के एजेंटों ने चुनाव प्रक्रिया का सम्मान रखते हुए निगरानी ड्यूटी में बदलाव के वक्त हिस्सा लिया है, लेकिन चुनाव हुआ नहीं है, बल्कि चुनाव के नाम पर जो कुछ हुआ वो इस शहर का काला इतिहास बन गया है. सपा प्रत्याशी ने पुलिस प्रशासन पर मतदान केंद्र तक वोटर्स के रास्ते बंद करने का आरोप लगाया. सपा नेता आजम खान भी इसी तरह के आऱोप लगा चुके हैं.

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वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक बार फिर ईवीएम के मुद्दे को उठाया. अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, “जब जर्मनी ने EVM से चुनाव को असंवैधानिक मानते हुए 2009 में ही समाप्त कर दिया है तो उनकी विदेश मंत्री को EVM दिखाकर सरकार क्या साबित करना चाहती है.” बता दें कि समाजवादी पार्टी पहले भी ईवीएम से वोटिंग कराए जाने की खिलाफत कर चुकी है. हालांकि, तब उनकी आपत्तियों को निर्वाचन आयोग ने खारिज कर दिया था.

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