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संसद के मानसून सत्र की तारीखों का ऐलान, 20 जुलाई से शुरू होगा सेशन, UCC बिल का प्रस्ताव पेश कर सकती है मोदी सरकार

संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति ने बैठक के बाद मानसून सत्र की तारीखों का ऐलान कर दिया है. बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की.

नई संसद में चलेगा मानसून सत्र

संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति ने बैठक के बाद मानसून सत्र की तारीखों का ऐलान कर दिया है. बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की. कयास लगाए जा रहे हैं कि मोदी सरकार मानसून सत्र में ही यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल का प्रस्ताव सदन में पेश कर सकती है. संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त तक चलेगा. 23 के इस सत्र में कुल 17 बैठकें आयोजित की जाएंगी. संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने ट्वीट करते हुए ये जानकारी दी है. उन्होंने सभी पार्टियों से सत्र के दौरान संसद के विधायी कार्यों और रचनात्मक योगदान देने की भी अपील की है.

कांग्रेस की संसदीय समिति की बैठक आज

वहीं यूसीसी को लेकर पीएम मोदी के दिए गए बयान के बाद पूरे देश में इसपर चर्चा हो रही है. जिसके बाद अब कांग्रेस भी एक्शन मोड में आ गई है. कांग्रेस का यूसीसी को लेकर क्या रुख होगा, इसपर सभी की नजरें बनी हुई हैं. वहीं कांग्रेस की संसदीय समिति आज (1 जुलाई) 10 जनपथ पर एक बैठक आयोजित करेगी. जिसकी अध्यक्षता कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गाधी करेंगी.

यह भी पढ़ें- पीएम मोदी पसमांदा मुसलमानों की बात करते हैं, लेकिन सरकार दलित मुस्लिमों के आरक्षण का सुप्रीम कोर्ट में विरोध करती है: ओवैसी

दूसरी तरफ एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है. उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट को ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुसलमानों का एक वर्ग पसमांदा मुसलमानों को आगे नहीं बढ़ने दे रहा है, लेकिन सच्चाई ये है कि सभी मुस्लिम गरीब हैं खासकर जो ऊंची जाति के मुसलमान हैं वो ओबीसी हिंदुओं से भी गरीब हैं. ओवैसी ने पीएम मोदी से सवाल करते हुए कहा कि वे पूरे देश के प्रधानमंत्री हैं, फिर उन्होंने अल्पसंख्यक कल्याण बजट में 40 फीसदी की कटौती क्यों कर दी?

सरकार सुप्रीम कोर्ट में दलित मुसलमानों के आरक्षण का विरोध करती है

ओवैसी ने आगे कहा कि पीएम मोदी पसमांदा मुसलमानों की बात करते हैं, लेकिन उनकी सरकार सुप्रीम कोर्ट में दलित मुसलमानों के आरक्षण का विरोध करती है. क्यों बीजेपी पिछड़े मुस्लिमों के आरक्षण का विरोध कर रही ? क्यों वे इस सामाजिक अन्याय का दोष यूनिफॉर्म सिविल कोड पर डालेंगे?

-भारत एक्सप्रेस



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