Bharat Express DD Free Dish

बीजेपी नेता ने कोर्ट में किया बड़ा खुलासा, बोले- विधायक जजपाल जज्जी ने 50 करोड़ रुपये लेकर दिया था पद से इस्तीफा, लेकिन मैंने…

मध्य प्रदेश बीजेपी के अंदर सियासी हड़कंप मचा हुआ है. भोपाल की अशोकनगर सीट से विधायक जजपाल जज्जी के लिए उनके ही पार्टी के नेता गले की फांस बनते जा रहे हैं.

अशोकनगर सीट से विधायक जजपाल जज्जी

मध्य प्रदेश बीजेपी के अंदर सियासी हड़कंप मचा हुआ है. भोपाल की अशोकनगर सीट से विधायक जजपाल जज्जी के लिए उनके ही पार्टी के नेता गले की फांस बनते जा रहे हैं. ग्वालियर की खंडपीठ में बीजेपी से दो बार पार्षद रह चुके रोशन सिंह यादव ने जजपाल जस्सी के खिलाफ बयान दर्ज कराए हैं. जिसके बाद से सियासी हंगामा खड़ा हो गया है. रोशन सिंह यादव ने अपने बयान में कहा है कि जजपाल जज्जी ने 2018 में चुनाव जीतने के बाद 50 करोड़ रुपये लेकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.

विधायक ने 50 करोड़ लेकर दिया था इस्तीफा

दरअसल, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में विधानसभा चुनाव की याचिका पर सुनवाई चल रही थी. तभी जज्जी की तरफ से सीनियर एडवोकेट ने रोशन सिंह यादव से काउंटर टेस्ट किया. इस दौरान रोशन सिंह ने बताया कि विधायक जजपाल जज्जी ने इस्तीफा देने से पहले 50 करोड़ रुपये लिए थे, लेकिन बाद में रोशन सिंह ने अपने बयान को संभालते हुए बोले कि “मैंने ऐसा सुना था कि जजपाल ने 50 करोड़ रुपये लिए हैं. इसलिए उनके खिलाफ मैंने कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई थी.

कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए थे जजपाल जज्जी

बता दें कि 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में जजपाल जज्जी ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था. जिस सीट से जज्जी चुनाव लड़े थे वो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी. जज्जी ने बीजेपी के लड्डूराम कोरी को हराया था. बाद में जब ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी में शामिल हुए तो जजपाल जज्जी भी उनके साथ पार्टी में शामिल हो गए थे. बाद में अशोकनगर सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़क विधायक बने थे.

यह भी पढ़ें- मणिपुर में संवैधानिक सरकार का हो चुका है पतन, राजस्थान और पश्चिम बंगाल की हिंसा पर शोर मचा रही BJP, लेकिन…बोले चिदंबरम

लड्डूराम ने जजपाल जज्जी के अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र को फर्जी बताते हुए उस समय नामांकन रद्द करने की मांग की थी. उसी मामले की सुनवाई अभी तक चल रही है. अभी तक मामले में फैसला नहीं आया है. इसके साथ ही कुछ महीने बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. अब ऐसे में इस तरह के बयान से बीजेपी को चुनाव में परेशानी उठानी पड़ सकती है. जनता के बीच नेताओं के बीच की लड़ाई पहुंचने से बीजेपी पर लोगों का भरोसा भी कम होगा.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read