कानपुर: नोटबंदी में ATM के बाहर जन्मा ‘खजांची’ जाएगा स्कूल,अखिलेश यादव ने ली पढ़ाई की जिम्मेदारी

अखिलेश यादव उठाएंगे 'खजांची' की पढ़ाई-लिखाई का खर्च

उत्तर -प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ऐलान किया है कि वो नोटबंदी की लाइन में जन्में बच्चे  खजांची की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएंगे.  अखिलेश ने बच्चे का एडमिशन कानपुर के एक बड़े स्कूल में करवा दिया है. जिसके बाद बच्चे ने सोमवार से स्कूल जाना भी शुरू कर दिया है.

आज से 6 साल पहले 2016 में नोटबंदी के दौरान एटीएम की लाइन में कानपुर देहात इलाके की एक महिला ने शिशु को जन्म दिया था. नवजात जिसका नाम खजांची रखा गया था अब वो 6 साल का हो चुका है और स्कूल जाने की तैयारी कर रहा है.  कानपुर देहात में घर-घर पॉपुलर ‘खजांची’  बच्चे की मदद के लिए  अखिलेश यादव आगे आए हैं और वह अब उसकी पढ़ाई-लिखाई का पूरा खर्च खुद उठाएंगे.

अखिलेश ने ट्वीट कर दी जानकारी

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि, ‘नोटबंदी की लाइन में जन्म लेने पर मजबूर ‘खजांची’ अब बड़ा हो गया है, उसकी ग़रीबी उसके विकास में बाधा न बने, इसीलिए हमने उसकी पढ़ाई पूरी कराने की ज़िम्मेदारी ली है. शिक्षा की शक्ति से व्यक्तित्व की दूसरी शक्तियां जन्म लेती हैं. शैक्षिक सशक्तीकरण से बड़ा कोई अन्य सशक्तीकरण नहीं होता.

अखिलेश ने खजांची के जन्म पर केंद्र को घेरा था

नोटबंदी के दौरान एटीएम की लाइन में पैसे निकालने के लिए खड़ी एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा हुआ और उसने वहीं पर एक नवजात को जन्म दिया. इस मामले पर अखिलेश यादव ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि, नोटबंदी के फैसले के कारण आम लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है. अखिलेश उसी समय बच्चे के संपर्क में आए थे.  क्योंकि बच्चा नोटबंदी के दौरान पैदा हुआ था, इसिलए उसका नाम खजांची रख दिया गया. उस समय सोशल मीडिया पर खजांची का एक वीडियो भी तेजी से वायरल हुआ था.

सपा मनाती है खजांची का जन्मदिन

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खजांची के जन्म से उनके पूरे परिवार के संपर्क में हैं. इन 6 सालों में उन्होंने कई बार खजांची से मुलाकात की है. इतना ही नहीं समाजवादी पार्टी  खजांची का जन्मदिन भी मनाती आई है. पिछले साल सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें अखिलेश यादव पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बड़े ही धूम-धाम के साथ खजांची का जन्मदिन मनाते दिखे. अखिलेश को खजांची से काफी लगाव है. क्योंकि बच्चे का परिवार आर्थिक रुप से काफी कमजोर है इसलिए अखिलेश यादव ने बच्चे की पढ़ाई-लिखाई की पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली है.

 

-भारत एक्सप्रेस

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