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‘हिमाचल आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करे सरकार’- कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में पारित हुआ प्रस्ताव

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक आज बिना राहुल गांधी के हुई. ​इसमें 3 प्रस्ताव पारित किए गए. पहला, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के देहांत पर शोक प्रस्ताव, दूसरा मणिपुर पर और तीसरा हिमाचल प्रदेश की आपदा पर..

Jairam Ramesh

कांग्रेस नेता जयराम रमेश

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Congress Working Committee Meeting: देश की सबसे पुरानी सियासी पार्टी कांग्रेस ने आज अपनी कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में 3 प्रस्ताव पारित किए. इनमें से एक प्रस्ताव में भाजपा की केंद्र सरकार से ये मांग की गई है कि हिमाचल की आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए. कांग्रेस सांसद जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने अभी हैदराबाद में ये जानकारी दी.

जयराम रमेश ने कहा- आज कांग्रेस वर्किंग कमेटी में 3 प्रस्ताव पारित हुए हैं. पहला, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के देहांत पर शोक प्रस्ताव है, दूसरा मणिपुर पर शोक प्रस्ताव और तीसरा शोक प्रस्ताव हिमाचल प्रदेश की आपदा पर है. उन्होंने कहा कि हमारे प्रस्ताव में एक यह मांग की गई है कि हिमाचल में जो आपदा आई, उसे राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए ताकि सरकार से जो सहायता मिलनी है वह पर्याप्त मात्रा में मिले.

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वहीं, पी.चिदंबरम ने कहा कि कांग्रेस कार्य समिति एक ड्राफ्ट प्रस्ताव पर विचार-विमर्श कर रही है. हम देश की स्थिति पर चर्चा कर रहे हैं. देश के सामने आने वाले आर्थिक संकट और आंतरिक और बाहरी सुरक्षा खतरों में विभाजित किया जा सकता है, जो देश के लिए एक बड़ी चुनौती हैं. उन्होंने कहा- “कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के सदस्यों ने अनुरोध किया है कि हमें पूर्व से पश्चिम तक भारत जोड़ो यात्रा 2 निकालनी चाहिए. वह मामला विचाराधीन है.”

प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा था पत्र

इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने हिमाचल में आपदा को ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित करवाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था. प्रियंका ने मंडी, कुल्लू और शिमला के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और लोगों से बातचीत की थी. कांग्रेस पार्टी की ओर कहा गया कि हिमाचल में कृषि भूमि के एक बड़े हिस्से के जलमग्न होने के कारण मानव जीवन की भारी क्षति हुई और अनेकों लोगों को जान गंवानी पड़ी. आपदा से लगभग 13000 घर क्षतिग्रस्त हो गए. वहीं, भारी भूस्खलन से राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गए और पानी और बिजली आपूर्ति योजनाओं को भी भारी नुकसान हुआ.

-भारत एक्सप्रेस



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