महंगाई का झटका: रसोई में खाना बनाना और हुआ महंगा, तेल की कीमतों 15 से 30 रुपए की बढ़ोतरी

food oil increases price

खाने बनाने वाले तेल के दामों में 15 से 30 रुपए की बढ़ोतरी

देश में बढ़ती महंगाई से मिलने वाले झटकों की आदत अब आम जनता को डाल ही लेनी चाहिए. क्योंकि एक फिर सरकार की तरफ से खाने-पीने के तेल के दामों में बढ़ोतरी कर दी गई है. इस बार सरसों का तेस, रिफाइंड ऑयल और सूरजमुखी  के तेल के दामों में 15 से 30 रुपए की वृद्धि कर दी गई है. इससे पहले त्योहार के सीजन में भी आम जनता को खाने पीने की चीजों के दाम बढ़ने से झटका मिला था और ये सिलसिला अभी भी जारी है. हालांकि ज्यादातर त्योहार के बाद खाद्य तेलों के दाम घट जाते हैं.

रूस-यूक्रेन युद्ध पर फोड़ा महंगाई का ठीकरा

रूस-यूक्रेन युद्ध को 9 महीने से ज्यादा का समय हो गया है. जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में इजाफा होना है. बढ़ती महंगाई की वजह रूस-यूक्रेन युद्ध को बताया जा रहा है. कारोबारियों के मुताबिक आगे भी खाद्य तेलों के दाम वैश्विक हालात पर निर्भर करेंगे. बता दें कि आने वाले समय में शादियों का सीजन शुरू होने वाला है. जिसके चलते आम जनता पर महंगाई का झटका और महंगा पड़ेगा.

बीते एक महीने में देश में खाद्य तेलों के दाम 15 से 30 रुपये किलो बढ़ चुके हैं. महीने भर में रिफाइंड सोयाबीन तेल भाव 120-125 रुपये से बढ़कर 140-145 रुपये हो गया है. वहीं सरसों तेल के भाव 130-135 रुपये से बढ़कर 145-150 रुपये, सूरजमुखी तेल के भाव 130-135 रुपये से बढ़कर 160-165 रुपये प्रति लीटर हो चुका हैं. इसके अलावा आयातित पामोलीन तेल के भाव 90-95 रुपये से बढ़कर 105-110 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुके हैं.

कारोबारियों का क्या है कहना

कारोबारियों के मुताबिक खाद्य तेल के दाम आगे भी अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर करेंगे. अभी रूस-यूक्रेन और अन्य देशों के बीच तनाव की स्थिति है. हालांकि बीते कुछ दिनों से हालात थोडे ठंडे हुए हैं. अगर यही स्थिति आगे जारी रही, तो तेजी थम सकती है और गिरावट भी संभव है. बता दें कि काफी समय से देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है कभी पेट्रोल-डीजल के दाम तो दूध-दही के दाम कभी किसी के दाम. महंगाई के दौर में आम जनता का जीना मुश्किल हो गया है. साथ ही महंगाई बढ़ने का जिम्मा लगातार किसी ना किसी पर फोड़ मामला आगे बढ़ा दिया जाता है.

– भारत एक्सप्रेस

 

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