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Prayagraj: अतीक की बेनामी संपत्तियों को लेकर बड़ा खुलासा, दो नौकरों के नाम भी कराया था बैनामा, बेचने की थी तैयारी

सूत्रों की मानें तो 2012 से 2017 के बीच माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद ने कई बेनामी संपत्तियों का काला साम्राज्य खड़ा किया.

atiq ahmed

अतीक अहमद (फाइल फोटो)

Prayagraj: माफिया अतीक अहमद की बेनामी संपत्तियों को लेकर लगातार पुलिस खुलासे कर रही है. ताजा खबर सामने आ रही है कि उसने अपने दो नौकरों के नाम भी बेनामी संपत्तियां कराई थी. यानी उसने दो नौकरों के नाम पर भी संपत्तियां खरीदी थीं. इन नौकरों में खानसामा और घरेलू काम करने वाले नौकर की जानकारी सामने आई है. चर्चा है कि, प्रयागराज में ही दोनों के नाम बेनामी संपत्ति बनाई गई थी.

मीडिया सूत्रों की मानें तो 2012 से 2017 के बीच माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद ने कई बेनामी संपत्तियों का काला साम्राज्य खड़ा किया. इस दौरान जो भी उसने बेनामी संपत्तियों का साम्राज्य बनाया, वह सभी अपराध की कमाई से अर्जित किए गए धन से बनाया. जानकारी सामने आई है कि दोनों माफिया ब्रदर्स जमीन औने-पौने दाम पर लेकर उसे अपने विश्वासपात्रों के नाम बैनामा करा देते थे. हालांकि पिछले साल ही इनमें से एक नौकर के नाम को लेकर जानकारी सामने आई थी. जानकारी सामने आई है कि 2020 में एक की बेनामी संपत्ति को लेकर अतीक ने विरोध किया था, इसके बावजूद कभी उसके करीबी रहे प्रॉपर्टी डीलर ने अपने नाम करा ली थी. सूत्रों की मानें तो अतीक के ही दम पर उसके कई गुर्गों ने भी बेनामी संपत्तियां खड़ी कीं. सूत्रों की मानें तो मरियाडीह व चकिया निवासी दो गुर्गों ने भी प्रयागराज व कौशांबी में अपने रिश्तेदारों के नाम पर संपत्तियां बनाईं, क्योंकि जिन रिश्तेदारों के नाम पर यह संपत्तियां दर्ज हैं, वो बड़े ही सामान्य हैं. वहीं धूमनगंज, पूरामुफ्ती के साथ ही अतरसुइया तक के कुछ नाम शामिल हैं, जिनको लेकर चर्चा है कि, उसने अतीक की ओर से मुफ्त में दी गई करोड़ों की जमीन पर आलीशान मकान बनवाया.

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प्रदेश के अन्य हिस्सों में बेनामी संपत्तियो को बेचने को लेकर की जा रही थी मशक्कत

वहीं खबर सामने आई है कि, प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी अतीक अहमद की बेनामी संपत्तियां थीं और उनको बेचने को लेकर परिवार कड़ी मशक्कत कर रहा था. परिवार वाले करोड़ों की लखनऊ और नोएडा में स्थित दो अन्य बेनामी संपत्तियों को बेचने की तैयारी में थे. इसको लेकर खरीदारों से बातचीत भी चल रही थी. सूत्रों की मानें तो इसको लेकर विजय मिश्र को भी जानकारी थी. वहीं एक दिन पहले ही इस बात की जानकारी सामने आई है कि, अतीक का वकील विजय मिश्र तीन दिन पहले लखनऊ के जिस होटल से पकड़ा गया है, उसी में अतीक-अशरफ की 12.5 करोड़ रुपये मूल्य की बेनामी संपत्ति को बेचने की डील होने जा रही थी. इसी के बाद से ये जानकारी सामने आई है कि अतीक के परिवार वाले केवल प्रयागराज के कटहुला गौसपुर स्थित संपत्ति को ही नहीं, बल्कि लखनऊ और नोएडा की दो बेनामी संपत्तियों को भी जल्द से जल्द बेचने की तैयारी में थे. हालांकि पुलिस दोनों ही बेनामी संपत्तियों के बारे में जानकारी जुटाने में लग गई है.

जैनब करने वाली थी डील

जानकारी सामने आई है कि एक संपत्ति लखनऊ के महानगर में है तो वहीं दूसरी संपत्ति नोएडा में स्थित फ्लैट है. बताया जा रहा है कि इसको बेचने को लेकर कई लोगों में बातचीत चल रही थी और बात लगभग फाइनल हो गई थी, लेकिन इसकी कीमत को लेकर कुछ सहमति नहीं बन पाई थी. इस बारे में जानकारी ये भी सामने आई है कि, अशरफ की पत्नी रूबी उर्फ जैनब ही इन सभी संपत्तियों की डील करने वाली थी और इन सबकी जानकारी विजय मिश्र को थी. बता दें कि उमेश पाल हत्याकांड मामले में अतीक की बीवी शाइस्ता परवीन और अशरफ की बीवी जैनब फरार है. पुलिस दोनों को ढूंढ रही है तो इसी बीच गिरफ्तार हुआ विजय मिश्र से पुलिस को तमाम अहम जानकारियां मिलने की संभावना जताई जा रही है.

-भारत एक्सप्रेस



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