Atal Bihari Vajpayee Jayanti: जब नवाज शरीफ बोल पड़े थे- वाजपेयी साहब तो पाकिस्तान में भी जीत सकते हैं इलेक्शन

Atal Bihari Vajpayee Jayanti: अटल बिहारी वाजपेयी के इस दौरे को यादगार बनाने के लिए गवर्नर हाउस में स्वागत समारोह का आयोजन किया गया था.

atal bihari vajpayee

नवाज शरीफ और अटल बिहारी वाजपेयी

Atal Bihari Vajpayee Jayanti: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के पाकिस्तान दौरे से जुड़ी ऐसी कई यादें हैं जो उनकी शख्सियत को बयां करती हैं. अटल बिहारी भारत ही नहीं पाकिस्तान में भी बेहद लोकप्रिय थे. उनकी सादगी आमजन को सहज ही आकर्षित करती थी. बात उन दिनों की है जब 1999 में बस में बैठकर भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री पाकिस्तान पहुंचे थे, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत हुआ. ये वो दौरा था जिसे भारत-पाकिस्तान के बीच दूरियां कम करने की दिशा में सबसे बड़ी पहल माना गया. अपनी इस यात्रा के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया था.

वाघा-अटारी बॉर्डर पार कर जब अटल बिहारी वाजपेयी पाकिस्तान में दाखिल हुए तो खुद नवाज शरीफ ने उनका स्वागत किया. ये वो ऐतिहासिक क्षण थे, जिसकी गवाह पूरी दुनिया बन रही थी. बंटवारे के बाद से ही भारत-पाकिस्तान के बीच रिश्ते बेहद तनावपूर्ण रहे हैं. ऐसे में भारत के तत्कालीन पीएम की पाकिस्तान यात्रा पर पूरी दुनिया की नजरें थीं. पाकिस्तान में भी इस दौरे को लेकर गहमागहमी बढ़ी हुई थी.

अटल बिहारी वाजपेयी ने पढ़ी अपनी कविता

अटल बिहारी के इस दौरे को यादगार बनाने के लिए गवर्नर हाउस में स्वागत समारोह का आयोजन किया गया था. भारत के तत्कालीन पीएम वाजपेयी को लाहौर के किले में सम्मानित किया गया. अटल बिहारी ने इस दौरान अपनी कविता ‘जंग नहीं होने देंगे’ पढ़ी. इस दौरान अटल बिहारी वाजपेयी के भाषण की हर पंक्ति पर तालियां गूंज रही थीं और पाकिस्तान आवाम उनके भाषण को सुनकर जैसे मंत्रमुग्ध हो गई थी. नवाज शरीफ भी अटल बिहारी वाजपेयी के भाषण को बहुत ध्यान से सुन रहे थे और उन्होंने उनकी जमकर तारीफ भी की.

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पाकिस्तान की आवाम अटल बिहारी के भाषण सुनकर हुई गदगद

नवाज शरीफ भारत के तत्कालीन पीएम के भाषण से इसकदर प्रभावित हुए कि उन्होंने कहा, “वाजपेयी साहब अगर पाकिस्तान में चुनाव लड़ें तो यहां भी जीत सकते हैं.” अटल बिहारी वाजपेयी मीनार-ए-पाकिस्तान भी गए. उन्होंने कहा, “कई लोगों ने यहां आने से मना किया था लेकिन मैंने यहां आने पर जोर दिया क्योंकि मुझे जो भी बताया गया उसमें मुझे कोई तर्क नजर नहीं आया. पाकिस्तान को मेरे मुहर की जरूरत नहीं है, उसका अपना अस्तित्व है.” अटल बिहारी की वाकपटुता और भाषण की अद्भुत शैली ने पाकिस्तान आवाज को बहुत प्रभावित किया था.

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आज 98वीं जयंती है. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर पीएम नरेंद्र मोदी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ समेत कई दिग्गज नेताओं ने ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी है. बीजेपी आज अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मना रही है.

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