विश्लेषण

वांगचुक का आरोप है कि, “तीन साल से केंद्र का यूटी प्रशासन नाकाम रहा है. हर आदमी दुखी है. नौकरियां नहीं मिल रही है. फंड है लेकिन इसका ज्यादातर हिस्सा वापस चला जाता है.

मथुरा में काम कर रही संस्था द ब्रज फ़ाउंडेशन ने पिछले बीस वर्षों में पौराणिक व धार्मिक महत्व वाली दर्जनों श्रीकृष्ण लीला स्थलियों का जीर्णोद्धार और संरक्षण किया है.

पिछले दिनों एक ‘बाबा’ विवाद में आए. विवाद का विषय ‘चमत्कार’ था. उस चमत्कार को एक समाजिक संस्था द्वारा चुनौती दी गई थी.

विक्रम बक्शी McDONALD का भारतीय साझीदार भी रह चुका है. इस मामले की सुनवाई NCLT में चल रही थी. कई साल से लगातार लंबित एक आवेदन को लेकर कंपनी ने NCLAT में गुहार लगाई थी.

ब्रजवासियों को यह चिंता है कि वृंदावन में तीर्थ विकास के नाम पर सरकार हजारों करोड़ रुपये की जिन योजनाओं की घोषणाएँ कर रही है उनका संतों, भक्तों, तीर्थयात्रियों व ब्रजवासियों को कोई लाभ नहीं मिलेगा.

जिमखाना की वार्षिक रिपोर्ट में सदस्यों को यह भी बताया गया कि इस मामले में कंपनी कार्य मंत्रालय से बातचीत की जा रही है.

विमान दुर्घटना के कारणों में एक ऐसा कारण भी होता है जिसकी चर्चा बहुत कम होती है. ‘पायलट की थकान’ के बारे में बहुत कम बात की जाती है.

चिंता की बात यह है कि सरकार चाहे यूपीए की हो या एनडीए की वो कभी पर्यावरणवादियों की सलाह को महत्व नहीं देती. पर्यावरण के नाम पर मंत्रालय, एनजीटी और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन सब कागजी खानापूर्ति करने के लिए हैं.

‘नो फ्लाई लिस्ट’ एक अच्छी पहल है. इसमें भी परिवर्तन की जरूरत है. जैसे ड्राइविंग लाइसेंस में एक से अधिक बार चालान होने पर उसे दर्ज किया जाता है.

उल्लेखनीय है कि जब 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या की गई थी तो संघ के बड़े नेता नानाजी देशमुख ने कांग्रेस के प्रति सहानुभूति जताई थी.